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डाईबीटीज सम्बंधित आवश्यक जानकारी एवं स्व: प्रबंधन टिप्स


मधुमेह एक पुरानी बीमारी है जिसका अभी तक कोई अचूक इलाज़ नहीं मिल पाया है, जिस कारण इस बिमारी में डॉक्टर के साथ-साथ रोगी दोनों की तरफ से निरंतर देखभाल की आवश्यकता होती है। आज यहां हम डाईबीटीज सम्बंधित कुछ आवश्यक जानकारी और इसके स्व: प्रबंधन के टिप्स आपसे बाँट रहे हैं जिस से आप काफी हद तक अपनी डाईबीटीज को कण्ट्रोल रख सकते हैं -



मधुमेह/ डाईबीटीज क्या है ?

डाईबीटीज या मधुमेह एक ऐसी बिमारी है जिसमें इंसान के खून में ग्लूकोज़ की मात्रा जरूरत से अधिक हो जाती है। इसका एक बड़ा कारण हमारे शरीर का इन्सुलिन है, यह इन्सुलिन शरीर में खाने को पचाता है ताकि शरीर को उर्जा मिल सके। डाईबीटीज ग्रस्त मरीज़ के शरीर में इन्सुलिन की गड़बड़ी दो तरीके से हो सकती है-

1. इन्सुलिन का पर्याप्त मात्रा में न बनना।
2. बनी हुई इन्सुलिन का सही तरीके इस्तेमाल न होना।

सामान्य स्वस्थ व्यक्ति में ग्लूकोस लेवल कितना होना चाहिए ?

खाने से पहले -  70 से 100 mg./dl
खाने के बाद - 120-140 mg/dl

डाईबीटीज कितने प्रकार की होती है ?

मुख्य रूप से  डाईबीटीज को तीन प्रकार से देखा जाता है -

1. Type 1 diabetes- जब इन्सुलिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बनती।

2. Type 2 diabetes- जब बनी हुई इन्सुलिन का हमारे बॉडी सेल सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाते।

3. Gestational diabetes- जब गर्भवती महिलाओं में प्रेगनेंसी के दौरान खून में ग्लूकोज़ की मात्रा बढ़ जाती है

Diabetes हो जाने पर क्या आवश्यक सावधानी बरतें -

1 नियमित रूप से अपना ब्लड शुगर लेवल जांचते रहें।
2 खाने पीने का परहेज़ रखें
3 व्यायाम एवं सैर करें
4 पूरी नींद लें
5 डॉक्टर की सलाह पर अमल करें

क्या खाना हानिकारक है ?


मिठाई, बाहर का तला जंक खाना, गुड़, चीनी, घी, मक्खन, बिस्कुट, चॉक्लेट्स, केक, टॉफ़ी, धूम्रपान, क्रीम दूध, और संरक्षित खाद्य पदार्थ, इत्यादि.

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